साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। अनुष्ठान के दौरान दिनचर्या नियमित रखें और आलस्य से बचें। साधक, अनुष्ठान, जप के बाद भी नियमित मंत्र जप करते रहें। शत्रु निवारण: शत्रुओं से बचाव और उनकी गलत नीयत को समाप्त करने में शाबर मंत्र https://williamq345jcu9.wikiparticularization.com/user